जिहाल-ए-मस्कीं Zihal E Miskin -song Lyrics in Hindi

 

जिहाल-ए-मस्कीं Zihal E Miskin Lyrics in Hindi 


ओ.. ओ.. जिहाल-ए-मस्कीं मकुन-ब-रन्जिश बहाल-ए-हिजरा बेचारा दिल है 

हो.. हो.. जिहाल-ए-मस्कीं मकुन-ब-रन्जिश बहाल-ए-हिजरा बेचारा दिल है 



सुनाई देती है जिसकी धड़कन तुम्हारा दिल या हमारा दिल है

 सुनाई देती है जिसकी धड़कन तुम्हारा दिल या हमारा दिल है

 वो आके पहलू में ऐसे बैठे वो आके पहलू में ऐसे बैठे के शाम रंगीन हो गई है

 के शाम रंगीन हो गई है के शाम रंगीन हो गई है 

जरा जरा सी खिली तबीयत जरा सी गमगीन हो गई है

 जरा जरा सी खिली तबीयत जरा सी गमगीन हो गई है जिहाल-ए-मस्कीं मकुन-ब-रन्जिश बहाल-ए-हिजरा बेचारा दिल है 



सुनाई देती है जिसकी धड़कन तुम्हारा दिल या हमारा दिल है

 अजीब है दिल के दर्द अजीब है दिल के दर्द यारों ना हो तो मुश्किल है 

जीना इसका ना हो तो मुश्किल है जीना इसका जो हो तो हर दर्द एक हीरा हर एक गम है 

नगीना इसका जो हो तो हर दर्द एक हीरा हर एक गम है 



नगीना इसका जिहाल-ए-मस्कीं मकुन-ब-रन्जिश बहाल-ए-हिजरा बेचारा दिल है सुनाई देती है

 जिसकी धड़कन तुम्हारा दिल या हमारा दिल है

 कभी कभी शाम ऐसे ढलती है जैसे घूँघट उतर रहा है 

उतर रहा है कभी कभी शाम ऐसे ढलती है

 जैसे घूँघट उतर रहा है तुम्हारे सीने से उठता धुआँ हमारे दिल से गुजर रहा है 

तुम्हारे सीने से उठता धुआँ हमारे दिल से गुजर रहा है 

जिहाल-ए-मस्कीं मकुन-ब-रन्जिश बहाल-ए-हिजरा बेचारा दिल है सुनाई देती है 

जिसकी धड़कन तुम्हारा दिल या हमारा दिल है





ये शर्म है या हया है क्या है? नजर उठाते ही झुक गयी है

 नजर उठाते ही झुक गयी है तुम्हारी पलकों से गिरके शबनम हमारी आँखों में रुक गयी है

 तुम्हारी पलकों से गिरके शबनम हमारी आँखों में रुक गयी है

 जिहाल-ए-मस्कीं मकुन-ब-रन्जिश बहाल-ए-हिजरा बेचारा दिल है सुनाई देती है 

जिसकी धड़कन तुम्हारा दिल या हमारा दिल है सुनाई देती है

 जिसकी धड़कन तुम्हारा दिल या, हमारा दिल है हो.. हो..



निर्माता -

गाने का शीर्षक  -- ज़िहाल ए मिस्किन 🎞️ 

एल्बम गुलामी    -- गायक शब्बीर कुमार और लता मंगेशकर ✍️ गीत            -- गुलज़ार 🎼 

 संगीत             ---लक्ष्मीकांत प्यारेलाल 

  संगीत            --  गोल्डमाइंस

       

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